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ढाई साल के मासूम की मौत: अस्पताल की लापरवाही पर सवाल

भिलाई | भिलाई में निजी अस्पताल की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक्सीडेंट के बाद इलाज के दौरान ढाई साल के बच्चे विनय साहू की मौत हो गई। अस्पताल ने बच्चे की मौत की सूचना न देकर सीधे परिजनों को शव सौंप दिया, जबकि इस प्रकार के मामलों में अस्पताल प्रबंधन को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, ताकि पोस्टमार्टम कराया जा सके।

परिजनों ने बिना किसी जानकारी के बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। जब पुलिस को इस मामले की जानकारी मिली, तो उसने कुरुद के मुक्तिधाम में बच्चे के शव को कब्र से बाहर निकालकर तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया।

मृतक बच्चे के दादा खेमलाल साहू ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने उन्हें सभी प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं दी। दो दिन पहले ही उन्होंने बच्चे का अंतिम संस्कार किया था।

यह घटना तब हुई जब जामुल से अहिवारा के बीच नंदनी एरोड्रम के पास एक स्कूटी और बाइक के बीच जोरदार टक्कर हुई। इस हादसे में बाइक सवार बुजुर्ग नारायण प्रसाद वर्मा की मौत हो गई, जबकि स्कूटर चालक और उनका मासूम बेटा घायल हो गया था।

नंदिनी थाना प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया कि बच्चे की मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम कराना जरूरी था, इसलिए शव को बाहर निकालना पड़ा। पोस्टमार्टम टीम के इंचार्ज डॉक्टर ने बताया कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी थी कि वे बच्चे की मौत के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचित करते।

इस मामले में पल्स अस्पताल प्रबंधन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है, जो इस लापरवाही की गंभीरता को और बढ़ाता है। यह घटना अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है।

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